नई दिल्ली स्थित लोकसभा एनेक्सी भवन में बुधवार को संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू–कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा केंद्र शासित प्रदेश शासन (संशोधन) विधेयक, 2025 से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सहभागिता की।
बैठक की अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी ने की। बैठक के दौरान उपरोक्त तीनों विधेयकों पर समिति के समक्ष ब्रिफिंग एवं साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें इन विधेयकों के संवैधानिक, विधिक, प्रशासनिक एवं नीतिगत पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति को विधेयकों से अवगत कराने हेतु देश के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों द्वारा तथ्यपरक एवं गहन प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस अवसर पर अध्यक्ष, विधि आयोग, पूर्व न्यायाधीश श्री दिनेश महेश्वरी, विधि सचिव डॉ. अंजू राठी राणा,
कुलपति, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली प्रो. (डॉ.) जी.एस. बाजपेई तथा कुलपति, नालसार विधि विश्वविद्यालय, हैदराबाद प्रो. श्रीकृष्ण देव राव ने विधेयकों के उद्देश्यों, संवैधानिक प्रावधानों, प्रशासनिक प्रभावों एवं उनके संभावित दूरगामी परिणामों पर समिति को विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान समिति सदस्यों द्वारा विधेयकों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन, गंभीर एवं सार्थक विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों ने विधिक एवं तथ्यात्मक आधार पर प्रस्तुत किया।
चर्चा के दौरान सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तुत विधेयक देश की संवैधानिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि इन संशोधनों से सुशासन को मजबूती मिलेगी तथा लोकतांत्रिक संस्थाएँ और अधिक सशक्त होंगी, जिससे देश के प्रशासनिक ढांचे में सकारात्मक और दीर्घकालिक परिवर्तन आएगा।

