कृषि महाविद्यालय, रायपुर के स्वामी विवेकानंद सभागार, में भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा पर व्याख्यान एवं खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया। आयोजन ट्रैफिक पुलिस रायपुर द्वारा कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के समन्वय से किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय पूर्व न्यायाधीश श्री अभय मनोहर सप्रे अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा कमेटी, नई दिल्ली रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती फरिहा आलम सिद्दीकी संयुक्त सचिव शिक्षा विभाग, श्री डी. रविशंकर, अपर आयुक्त परिवहन , श्री एम. आर. अहीरे उप पुलिस महानिरीक्षक यातायात एवं श्री संजय शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक यातायात एवं अध्यक्ष अंतरविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा श्रीमती डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. पी. के. सांगोड़े, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया गया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में न्यायमूर्ति सप्रे ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ दैवीय नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही का परिणाम हैं और इन्हें रोका जा सकता है। उन्होंने विभिन्न वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि हेलमेट किस प्रकार जीवन रक्षक सिद्ध होता है, वहीं तेज गति, ट्रैफिक नियमों की अवहेलना एवं सिग्नल तोड़ने से होने वाली घातक दुर्घटनाओं के उदाहरण भी प्रस्तुत किए।
उन्होंने वियतनाम एवं थाईलैंड के उदाहरण देते हुए बताया कि वहां यातायात नियमों के सख्त पालन एवं हेलमेट के अनिवार्य उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। न्यायमूर्ति सप्रे ने बताया कि छत्तीसगढ़ सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में देश में 12वें स्थान पर है, जबकि रायपुर में बीते वर्ष 2025 में 618 लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामलों में दो पहिया चालकों की मृत्यु हुई है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि हेलमेट ट्रैफिक पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पहनें।
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले पाँच गुड सेमेरिटन 01. श्रीमती नगीना रात्रे 02. श्री महेश पोद्दार 03. श्री जगमोहन साहू 04. श्री प्रफुल्ल साहू एवं 05. श्री गागेंद्र सिंह राजपूत को सम्मानित किया गया। अतिथियों द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उनके मानवीय एवं समाजोपयोगी कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती फरिहा आलम सिद्दीकी, संयुक्त सचिव, शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में पुलिस विभाग की ओर से श्री संजय शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक यातायात एवं अध्यक्ष अंतर विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ एवं महाविद्यालय परिवार की ओर से अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने अध्यक्ष महोदय एवं समस्त अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और माननीय न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने कृषि महाविद्यालय के छात्रों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की । साथ ही महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कॉलेज में प्रवेश के पूर्व दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट धारण करने अपील की। कार्यक्रम में श्री आशीष देवांगन आरटीओ रायपुर , श्री सतीश कुमार ठाकुर उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर, श्री प्रतीक शुक्ला एआरटीओ रायपुर, ट्रैफिक पुलिस के जवान , कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, राज्य के राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना से स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

